अगर आप गर्भवती हैं तो करवा चौथ का व्रत कुछ ऎसे करें..

अगर आप गर्भवती हैं तो करवा चौथ का व्रत कुछ ऎसे करें..

बहुत सी महिलाएं अपनी निजी मान्यताओं या धार्मिक प्रतिबद्धताओं के कारण गर्भावस्था के दौरान व्रत रखती हैं।

करवा चौथ, तीज या शिवरात्रि जैसे त्यौहारों में व्रत रखना तो आम बात है। ये त्यौहार गर्भावस्था के आपके नौ महीनों के दौरान एक बार तो अवश्य ही आएंगे।

अगर, आप लंबे समय के व्रत रखना चाहती हैं, जैसे की नवरात्री, रमज़ान या फिर लेंट, तो आपको अपना विशेष ध्यान रखना जरुरी है। हमारे इस लेख से जानिए की आप कैसे अपने उपवास का अनुभव अच्छा बना सकती हैं।
क्या गर्भावस्था में व्रत रखना सुरक्षित है?
इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। शोध के बावजूद पूरे यकीन से यह नहीं कहा जा सकता की उपवास आपके और आपके अजन्मे शिशु के लिए सुरक्षित है।

हालांकि, अगर आप स्वस्थ व अच्छा महसूस कर रही हैं और आपकी गर्भावस्था भी बिना किसी समस्या के आगे बढ़ रही है, तो ऐसी स्थिति में व्रत रखना सुरक्षित हो सकता है।

अगर, आप व्रत के लिए सक्षम और स्वस्थ महसूस न कर रही हों या फिर अपने स्वास्थ्य और शिशु की सलामती को लेकर चिंतित हों, तो उपवास शुरू करने से पहले अपनी डॉक्टर से बात करें । आपकी डॉक्टर संभवतः आपके शारीरिक स्वास्थ्य और चिकित्सा इतिहास की समीक्षा करेंगी। वह शायद अन्य जटिलताओं को भी देखना चाहेंगी, जैसे की गर्भावधि मधुमेह (जेस्टेशनल डायबिटीज),और एनीमिया (खून में आयरन की कमी)। वह यह भी देखेंगी की आपके गर्भ में एक से अधिक शिशु तो नहीं पल रहे। वह आपको उपवास रखने के लिए हरी झंडी तभी देंगी, जब वह देख लेंगी की सब ठीक-ठाक है।

एक पहलू यह भी है की उपवास कब रखे जा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, अगर रमज़ान गर्मियों में है, तब आपको गर्म मौसम और लंबे दिनों का सामना करना पड़ेगा। यह निर्जलीकरण के खतरे को बढ़ा सकता है।

साथ ही, लंबी अवधि के उपवास रखने से आपको कुछ कठिनाई हो सकती है, जैसे:
सिर दर्द
थकान
बेहोशी
चक्कर आना
गंभीर अम्लता (एसिडिटी)

यदि आपको इनमे से कोई भी लक्षण महसूस हो, तो तुरंत अपनी डॉक्टर से बात करें।
व्रत रखते समय मुझे किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
कुछ धर्मों में व्रत के दौरान किसी भी तरह के खाद्य पदार्थ के सेवन या पानी पीने की भी अनुमति नहीं है। अपनी डॉक्टर तथा धार्मिक गुरु से बात करें कि ऐसी स्थिति में आप क्या बेहतर कर सकती हैं।
कुछ धर्मों में व्रत के विशिष्ट भोजन जैसे गैर-अनाजी पदार्थ, फल, सब्जियां, दूध और रस आदि के सेवन करने की अनुमति है। ऐसे में ताजा फल और सब्जियों के सेवन वाला व्रत रखना एक स्वस्थ विकल्प है। इससे आपको अनिवार्य पोषक तत्व जैसे आयरन आदि मिलते रहेंगे।
व्रत के दौरान अधिक मीठे खाद्य पदार्थों और कॉफी, चाय जैसे कैफीन युक्त पेय पदार्थों के सेवन से दूर ही रहें।
यदि मौसम गर्म और आर्द्रता वाला है, तो अत्याधिक गर्मी के वक्त घर के अंदर ही रहें।
यदि व्रत के दौरान पेय पदार्थ के सेवन की अनुमति है, तो नियमित अंतरालों पर पानी, दूध या ताजा फलों के रस लेती रहें।
दिन में कुछ समय के लिए आराम करने का प्रयास करें। व्रत में मेहनत वाले कार्य और व्यायाम न करना बेहतर है ।
व्रत के दौरान आपकी पाचन प्रणाली धीमी पड़ जाती है, अत: अपना व्रत धीरे-धीरे समाप्त करें। पहले रस का एक छोटा गिलास या नारियल पानी पीएं और इसके बाद हल्का भोजन करें।
यदि आपको अत्यधिक थकावट, धकधकी, पेट में मरोड़ या अत्यधिक मिचली या अम्लता (एसिडिटी) हो, तो तुरन्त अपनी डॉक्टर से सलाह करें।
मैं चाहकर भी व्रत नहीं रख पा रहीं हूँ, क्या कोई और विकल्प है?
अनेक महिलाओं के लिए व्रत रखना उनके जीवन का एक अभिन्न अंग है। विशेषकर तब, जब यह उनके रीति-रिवाज या धार्मिक विश्वास से जुड़ा हो। जो चीज आपके लिए अत्यधिक महत्त्व रखती है, उसे छोड़ने के बारे में सोचकर आपका निराश होना स्वाभाविक है।

आप निम्नलिखित विकल्पों पर विचार कर सकती हैं:
क्या आप प्रतिदिन व्रत रखने के बजाय व्रत की अवधि के दौरान पहले और अंतिम दिन व्रत रख सकती हैं?
क्या प्रतिदिन व्रत रखने के बजाय सप्ताह में एक बार या एक दिन छोड़कर व्रत रखना संभव है?
क्या आप पूरा खाना-पीना छोड़ने की जगह व्रत के दौरान फलाहार कर सकती हैं?
क्या गर्भवती महिलाओं के लिए व्रत में कोई छूट या विशेष अनुमति है, जैसे कि जल्दी व्रत तोड़ देना या बाद में कभी व्रत रख कर इसकी भरपाई करना?
क्या यह संभव है कि परिवार का कोई अन्य सदस्य आपके साथ मिलकर इस व्रत को बांटे? कुछ पति आधा दिन व्रत रखते हैं और आधा दिन उनकी पत्नी व्रत रखती है।
क्या आप व्रत रखने के बदले कोई अन्य त्याग कर सकती हैं, जैसे कि मांसाहारी भोजन, मिठाई, विशिष्ट अनाज या नमक आदि से परहेज करना?
क्या आप कोई और प्रकार का व्रत रख सकती हैं, जैसे की “मौन व्रत”?
कुछ महिलाएं वह धन दान करती हैं, जो वे सामान्यत: अपने ऊपर खर्च करतीं। वहीं कुछ महिलाएं ऐसी चीजों का त्याग करके अपना धर्म पूरा करती हैं, जो उन्हें बहुत पसंद होती हैं, जैसे कि फिल्म देखना या खरीदारी।

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